पटना: भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार बढ़ते तनाव को देखते हुए बिहार सरकार ने सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार शाम पटना में उच्चस्तरीय बैठक कर सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने और पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने शनिवार को सीमांचल के दौरे की घोषणा भी की है, जहां वे पूर्णिया में सीमावर्ती जिलों के वरीय अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
बिहार की लगभग 729 किलोमीटर लंबी सीमा नेपाल से लगती है और कुछ इलाके पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश की सीमा से भी सटे हैं, जिससे राज्य की रणनीतिक स्थिति बेहद संवेदनशील बन जाती है। इसी को देखते हुए इन जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करें, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखें और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर सख्त कार्रवाई करें।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा और डीजीपी विनय कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सीमा से सटे क्षेत्रों में नियमित गश्त हो, और प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहे।
नीतीश कुमार ने आम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि सरकार पूरी तरह सजग और सतर्क है, घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, “आतंकवाद के खिलाफ पूरा देश एकजुट है, और हमें अपनी सेना के साहस और पराक्रम पर गर्व है।”